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प्रेमचंद रंगशाला में "चरित्र-वध" नाटक का हुआ मंचन,

पटना :- प्रेमचंद रंगशाला के  प्रेक्षागृह में बिहार की बेहद लोकप्रिय सांस्कृतिक- सामाजिक संस्था 'बयार' की ओर से नाटक 'चरित्र-वध' का मंचन किया गया। बयार की प्रस्तुति 'चरित्र-वध' समाज के विभिन्न धाराओं के विचार और उनके टकराहट के बीच नकारात्मक और प्रगतिशील सोच के लुका-छिपी पर सीधा चोट है।

अभिनेता मनोज मानव का चरित्र प्रोफेसर ‘धार्मिक कट्टरपंथी सोच और मानवता, सामाजिक समभाव एवं समरसता’ के वजूद को 'धर्म मनुष्य के लिए बनाया है या मनुष्य धर्म का गुलाम हो गया है' जैसे सवाल से जहां एक तरफ सामाजिक- सांस्कृतिक खाई को पाटने की कोशिश करता है। वही दूसरा कट्टरपंथी चरित्र धर्म के अफीमी सोच के खौफ से दूर मरने और मर मिटाने तक को वाजिब मानता है


सामाजिक सहिष्णुता के जीवन्तता की आखिरी सच के साथ ‘बयार’ की ये नई प्रस्तुति 'चरित्र-वध' प्रेक्षागृह के दर्शक के बीच में ज्वलंत सवाल छोड़ जाता है। इस नाटक में मनोज मानव सिंह और गोपाल पांडे मुख्य भूमिका में रहे। 

मंच पर प्रकाश परिकल्पना राजीव रॉय, पार्श्व-संगीत एवं ध्वनि-प्रभाव- धीरज कुमार, वस्त्र-विन्यास- ममता, राहुल, मंच-शिल्प- राजीव नयन एवं अंशुमन(बाल कलाकार), रूप-सज्जा-ज्योति, उद्घोषणा- हरेंद्र बहादुर, फोल्डर एवं मीडिया-प्रभारी के तौर पर अनामिका सिंह की अहम भूमिका रही। इसके नाट्यकार मनोज मानव, जबकि परिकल्पना एवं निर्देशन मनोज प्रसाद सिंह का रहा।

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